-(11)शुक्र का वर्ग जेल पहुँचा देता है--

शुक्र पर्वत(Mount of Venus)---
शुक्र पर्वत अँगूठे के मूल स्थान के नीचे 
स्थित‌ होता ‌है। यदि शुक्र पर्वत उभरा हुआ और विकसित होता है तो व्यक्ति का स्वास्थ्य बहुत अच्छा होता है। वह हृष्ट-पुष्ट होता है। यदि शुक्र पर्वत छोटा और धँसा होता है तो व्यक्ति का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है और काम शक्ति भी कम होती है। यदि शुक्र क्षेत्र सामान्य‌ ‌से
अधिक उभरा होता है तो व्यक्ति में काम
प्रवृत्ति बहुत अधिक होती है। सामान्य शुक्र पर्वत वाला व्यक्ति स्वस्थ, सौन्दर्य प्रिय, प्रेमी, अनुरागी, स्नेही, संतानोत्पादक क्षमता रखने वाला
काव्य तथा संगीत प्रेमी, दयालु, सहानुभूति रखने वाला होता है। शुक्र
 का त्रिभुज या त्रिकोण व्यक्ति को ‌ कई‌ स्त्रियों के साथ रमण करने वाला तथा सफल जीवन बिताने वाला बनाता है। शुक्र पर्वत का वर्ग व्यक्ति‌ को जेल पहुँचा देता ‌है। वृत्त आकस्मिक दुर्घटना का संकेत देता है। नक्षत्र का चिह्न होने से प्रेमिका के कारण धन हानि होती है।
एक रेखा वाला व्यक्ति तीब्र कामवासना
वाला होता है। कई रेखा वाला व्यक्ति 
सौंदर्य प्रेमी और भोगी होता है। क्रास वाला व्यक्ति प्रेम में असफल होता है,
प्रेम में निराशा होती है तथा समाज में निन्दित होता है। द्वीप से प्रेमिका से वियोग होता है तथा नकारात्मक‌  निराशा बढ़ती है। जाली वाला‌‌ व्यक्ति‌
अस्वस्थ रहता है। यदि बिन्दु है तो 
गुप्तांगो में बीमारी होती है। काला तिल
वाला काम पिपासु, गुप्तांग का रोगी तथा प्रेमिका से तिरस्कृत होता है। कई रेखाएँ रखने वाला प्रेम में असफल होता है और मान-हानि होती है।

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