कर्म मार्ग से ईश्वर को प्राप्त करना कठिन ही नहीं असम्भव है-----
कर्म मार्ग से ईश्वर को प्राप्त करना कठिन ही नहीं असम्भव है---
क्योंकि यज्ञ कार्य के लिए स्थान, काल, कर्ता, द्रव्य, मंत्र, विधि सब कुछ ठीक होना चाहिए। परन्तु सब कुछ ठीक हो, ऐसा सम्भव नहीं है-----
(१) ब्रह्मा ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराया, इला नाम की लड़की हुयी।
(२) हिरण्यकश्यपु ने पुत्र प्रहलाद की मृत्यु के लिए गुरु पुत्रों से यज्ञ कराया, गुरु पुत्र मारे गए।
(३) काशीराज ने भगवान कृष्ण को मारने के लिए यज्ञ कराया, वह स्वयं मारा गया।
(४) वृत्तासुर ने इन्द्र को मारने के लिए यज्ञ कराया, वह स्वयं मारा गया।
यदि यज्ञ कार्य सफल भी हो गया तो स्वर्ग मिलता है, वह भी कुछ काल के लिए, इसके बाद वह पुनः कूकर, सूकर बनने के लिए पृथ्वी पर ढकेल दिया जाता है।
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