---- प्राणायाम से दीर्घायु की प्राप्ति-----

प्राणायाम से दीर्घायु -- योगियों के दीर्घायु का रहस्य क्या है ? देवरहवा बाबा इस संसार में 350 वर्ष जीवित रहे, ऐसा लोगों का कहना है। इस संसार में जो आया है, उसे एक दिन जाना होता है। भगवान राम आए, कृष्ण आए
और चले गए। हमें भी आज नहीं तो कल जाना ही होगा। देवरहवा बाबा भी
350 सौ वर्ष रहकर इस संसार से चले गए और अपने पीछे एक प्रश्न छोड़ गए कि यदि कोई चाहे तो वह 100, 150, 250,और 350 वर्ष भी जीवित रह सकता है । प्राणायाम के नियमित अभ्यास के द्वारा ऐसा सम्भव है। हम जानते हैं कि प्राणायाम की किसी भी क्रिया में जब सांस को ऊपर खींचा जाता है, तो उसे पूरक कहते हैं और सांस को नीचे छोड़ने की क्रिया को रेचक कहते हैं। सांस को रोकने की क्रिया को कुम्भक कहते हैं। इस कुम्भक के द्वारा हम सांस रोककर अपनी आयु सीमा को बढ़ा सकते हैं, इस प्रकार हम देखते हैं कि योगी जन कुम्भक द्वारा प्राण की गति का निरोध करके अपनी आयु सीमा को प्रायः बढ़ा लेते हैं।
     -----------------++++ -------

Comments

Popular posts from this blog

डा० सूर्य पाल सिंह का उत्कृष्ट व्यक्तित्व

---प्राणायाम से दिव्य शक्ति की प्राप्ति---

ऋगुवेद सूक्ति--(53) की व्याख्या