-------अंग स्फुरण---------
मत्स्य पुराण के 241वें अध्याय के आधार पर यहाँ अंग स्फुरण का शुभाशुभ प्रस्तुत किया जा रहा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप भविष्य में घटने वाली समस्त घटनाओं की पूर्व जानकारी प्राप्त करके अपने भविष्य को सँवार सकेंगे। मनु ने मत्स्य भगवान से पूछा, भगवन् ! आप मुझे शुभाशुभ शकुनों के लक्षण बताइए। मत्स्य भगवान् ने कहा, राजन् ! शरीर के दाहिने भाग में स्फुरण होना शुभ तथा पीठ हृदय और बाएँ भाग का स्फुरण
अशुभ फलदायक होता है। मनु ने कहा, भगवन् ! अंग का स्फुरण जिस शुभाशुभ की सूचना देने वाला होता है, उसे विस्तार पूर्वक बतलाइए। मत्स्य भगवान् बोले, हे रवि नन्दन ! सिर का स्फुरण पृथ्वी का लाभ देता है। ललाट के स्फुरण से स्थान की वृद्धि होती है।
भौंह और नासिका के स्फुरण से प्रिय
जनों का समागम होता है। नेत्रों के स्फुरण से सेवक की तथा नेत्रों के समीप
स्फुरण होने से धन की प्राप्ति होती है। नेत्रों के मध्य भाग में स्फुरण होने से उत्कण्ठा बढ़ती है। नेत्र पलकों के फड़कने से संग्राम में शीघ्र ही विजय प्राप्त होती है। नेत्र अपांगों के स्फुरण से स्त्री लाभ, कान के फड़कने से प्रिय वार्ता श्रवण, नासिका के फड़कने से प्रीति एवं सौम्य, निचले होठ के फड़कने से सन्तान प्राप्ति, कण्ठ के फड़कने से
भोग लाभ, तथा दोनों कन्धों के स्फुरण से भोग की वृद्धि होती है। बाहुओं के फड़कने से मित्र स्नेह की प्राप्ति, हाथ के स्फुरण से धन की प्राप्ति, पीठ के फड़कने से युद्ध में पराजय तथा छाती के स्फुरण से विजय मिलती है। दोनों कुक्षियों के फड़कने से प्रेम में वृद्धि कहा गयी है। स्तन के स्फुरण से संतान
की उत्पत्ति होती है। नाभि के स्फुरण से स्थान से अलग होना पड़ता है। आँत के फड़कने से धन की प्राप्ति होती है, तथा
जाँघ के सन्धि भाग के स्फुरण से बलवान शत्रुओं के साथ सन्धि हो जाती है। रवि नन्दन ! फिल्लियों के फड़कने से राजा के देश के किसी भाग का नाश होता है। राजन् ! दोनों पैरों के स्फुरण से उत्तम स्थान की प्राप्ति होती है। पैरों के तलुओं के फड़कने से लाभदायिनी यात्रा होती है। अंग स्फुरण के समान ही काले दाग एवं छोटे मांस पिण्ड (जो जन्म से ही बालकों के अंगों में उत्पन्न होते हैं) फलाफल को जानना चाहिए।
स्त्रियों के लिए ये सभी फलाफल विपरीत होते हैं। बाएँ भाग के अप्रशस्त अंगों के स्फुरण से विशेष अशुभ होता है। इसीप्रकार दाएँ भाग के शुभ अंगों के स्फुरण से विशेष शुभ होता है।
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