--१५१+-----स्वप्न फल-------

(१) अँगूठी पहनना--स्त्री मिले।
(२) आकाश में उड़ना-यात्रा करना पड़े।
(३) आकाश से गिरना--हानि हो।
(४) अनार पाना--धन लाभ हो।
(५) अग्नि देखना-- वर्षा हो।
(६) अग्नि उठाना-- धन खर्च हो।
(७) आम खाना --संतान में वृद्धि हो।
(८) आँधी देखना-- यात्रा में क्लेश हो।
(९) अँगूठी बेचना--स्त्री से वियोग हो।
(१०) उपवन देखना--खुशी हो।
(११) कपड़ा धोना--व्यापार में लाभ हो।
(१२) कपड़ा बेचना--क्लेश दूर हो।
(१३) कुत्ता काटना--शत्रु का सामना।
(१४) काजल लगाना--संतान सुख।
(१५) कंघी करना--रोग दूर हो।
(१६) खेत देखना-- विद्या में वृद्धि होना।
(१७) खेत हरा देखना--संतान सुख।
(१८) खेत का कटता देखना-- स्त्री वियोग हो।
(१९) गाय देखना-- व्याकुलता बढ़ना।
(२०) गधा देखना--धन लाभ हो।
(२१) गुलाब देखना-- ओहदा बढ़े।
(२२) गेहूँ देखना--धन मिले।
(२३) घी देखना-- व्याकुलता दूर हो।
(२४) घोड़े पर चढ़ना--धन लाभ हो।
(२५) घोड़ा देखना--स्त्री मिले।
(२६) घास देखना--व्याकुलता दूर हो।
(२७) चन्द्रमा देखना--उन्नति हो।
(२८) चन्द्र ग्रहण देखना--अनाज महँगा हो।
(२९) चील देखना-- चिन्ता दूर हो।
(३०) चक्की देखना--कष्ट मिले।
(३१) चाँदी देखना-- धन प्राप्ति।
(३२) चकोर देखना--स्त्री से मिलाप हो।
(३३) चूहा देखना-- स्त्री से मेल हो।
(३४) चाँदी लेना-- धन में वृद्धि होना।
(३५) जहाज देखना-- यात्रा करना पड़े।
(३६) जंगल हरा देखना--खुशी हो।
(३७) जंगल सूखा देखना-आकुलता हो।
(३८) जवाहरात देखना--इच्छा पूर्ति हो।
(३९) जानवर पकड़ना-नेक कार्य करे।
(४०) झाड़ू देखना-- फिजूल खर्च होना।
(४१) झण्डा हरा देखना--यात्रा करे।
(४२) झण्डा श्वेत देखना--सत्य पालन।
(४३) झण्डा लाल देखना-- खुशी मिले।
(४४) टिड्डी देखना--मान बढ़े।
(४५) ठठ्ठा करना -- अधर्म करे।
(४६) ठोढ़ी देखना--ओहदा बढ़े।
(४७) ठोकर मारना--संतान सुख।
(४८) दाढ़ी देखना-- पद बढ़े।
(४९) दाढ़ी श्वेत देखना-- सम्मान मिले।
(५०) डोल भरा देखना-- कामना सिद्धि।
(५१) तरबूज खाना-- कष्ट मिले।
(५२) तालाब में महीना --प्रतिष्ठा पाना।
(५३) ताम्र बर्तन देखना- आकुल होना।(५४) तख्त देखना-- पद में वृद्धि होना।
(५५) तख्त पर बैठना-- खुशी मिलना।
(५६) तेल पीना-- कुष्ठ रोग हो।
(५७) तोप देखना--शत्रु पराजित हों।
(५८) तिल खाना-- बदनामी होना।
(५९) सितार बजाना-- धन प्राप्त होना।
(६०) तीतर देखना-- पद बढ़े।
(६१) धनुष का तीर खींचना--कष्ट मिले।
(६२) थूक देखना-- व्याकुलता बढ़े।
(६३) थूक बहना-- धन प्राप्ति।
(६४) थूकना--निर्दयी बने।
(६५) दही खाना-- यात्रा करे।
(६६) दवाई पीना--आरोग्यता पाना।
(६७) दाँत गिरता देखना--आयु में वृद्धि।
(६८) दूध पीना --आराम मिले।
(६९) दीवार से गिरना-- अवनति होना।
(७०) दरवाजा गिरा देखना-- कुल का नाश हो।
(७१) दवात देखना-- धनी स्त्री मिले।
(७२) दूकान पर बैठना--प्रतिष्ठा बढ़े।
(७३) देग देखना--धन, स्त्री प्राप्ति।
(७४) धुआँ देखना--युद्ध हो।
(७५) नदी में नहाना--चिन्ता दूर हो।
(७६) नदी पार करना-- कार्य सिद्ध ‌हो।
(७७) नदी का जल पीना--धन में वृद्धि।
(७८) नदी में गिरना--कष्ट मिले।
(७९) नगीना देखना-- पुत्र प्राप्ति ।
(८०) नाखून देखना--खुशी की प्राप्ति।
(८१) नाखून काटना--ऋण चुकाना।
(८२) नाखून टूटा देखना-कार्य में बाधा।
(८३) नाव में बैठना-झूठा आरोप लगना
(८४) नमक देखना-- धन में वृद्धि।
(८५) नगाड़ा देखना-- ओहदा बढ़े।
(८६) नैज़ा देखना--पुत्र प्राप्ति ।
(८७) नाच देखना-- चिन्ता दूर हो।
(८८) पहाड़ पर जाना-- पद बढ़े।
(८९) पहाड़ हिलाना--छत्र भंग होना।
(९०) पाँव मारना-- कष्ट मिले।
(९१) पाखाना देखना-- राजा से भेंट
(९२) पाग उठाना--धन प्राप्ति ।
(९३) पान खाना-- स्त्री मिला।
(९४) पानी में डूबना-- शुभ कार्य करे।
(९५) पाखाना करना-- कष्ट मिले।
(९६) पुल पर चलना--शुभ कार्य करे।
(९७) पूड़ी खाना--मन प्रसन्न होना।
(९८) पानी पीना-- व्यापार में वृद्धि।
(९९) पिं‌जड़ा देखना--बंदीगृह में जाना।
(१००) पेड़ गिरा देखना-- क्लेश हो।
(१०१) पेड़ पर चढ़ना -- पतिष्ठा पाना।
(१०२) पेड़ फलदार देखना-- कामना सिद्धि ।
(१०३) पेड़ बिना फल के देखना--कामना पूरी न हो।
(१०४) फली टूटी देखना--चिन्ता हो।
(१०५) फूल श्वेत देखना--खुशी मिलना।(१०६) फूल लाल देखना-- सन्तान से खुशी मिलना।
(१०७) फव्वारा देखना--क्लेश दूर हो।
(१०८) बाग देखना-- हर्ष प्राप्ति।
(१०९) बारात देखना-- स्त्री से सुख।
(११०) बाँसुरी बजाना--व्याकुल होना।
(१११) बीमार स्वयं को देखना-कष्ट हो।
(११२) बाल कटे देखना--ऋण चुकाना।
(११३) बाल बिखरे देखना--धन हानि।
(११४) बैल मोटा देखना-अन्न सस्ता हो।
(११५) बैल दुबला देखना-अन्न महँगा हो
(११६) बुलबुल देखना-- राजा से लाभ।
(११७) भैंस देखना-- कष्ट मिले।
(११८) भेड़िया देखना-- राजा से भय।
(११९) मिठाई खाना --प्रतिष्ठा बढ़े।
(१२०) मृत शरीर देखना--धन लाभ।
(१२१) मुर्दा नहलाते देखना--खुशी हो।
(१२२) मोती देखना--धन प्राप्ति।
(१२३) मोती बेचना-- विद्या का प्रचार।
(१२४) मक्खी देखना-- परेशानी हो।
(१२५) रात अँघेरी देखना-- क्लेश हो।
(१२६) रोटी देखना--धन प्राप्ति ।
(१२७) लड़ाई करना--रोग वा कष्ट।
(१२८) लोहा देखना-- लाभ हो।
(१२९) शर्बत देखना-- आयु बढ़े।
(१३०) शेर देखना-- मान बढ़े।
(१३१) शीशा देखना-- स्वास्थ्य प्राप्ति।
(१३२) सर्प देखना--चिन्ता वा क्लेश।
(१३३) सर्प काटना-धन व खुशी प्राप्ति।
(१३४) सिर कटा देखना-- सम्बन्धियों से वियोग।
(१३५) सिर मुण्डा देखना-स्त्री से वियोग
(१३६) सुरमा देखना-- बुद्धि बढ़े।
(१३७) सुरमा लगाना-- धर्म वृद्धि ।
(१३८) सरसों देखना--व्यापार में वृद्धि।
(१३९) सौंफ देखना-- ओहदा बढ़े।
(१४०) स्वर्ण देखना-- क्लेश हो।
(१४१) स्वर्ण पाना-- धर्म वृद्धि।
(१४२) सूर्य देखना--स्त्री, पुत्र प्राप्ति।
(१४३) सेब देखना--ऐश्वर्य प्राप्ति ।
(१४४) सेहरा देखना--गृह क्लेश।
(१४५) हौज़ देखना--धन प्राप्ति।
(१४६) स्टेशन देखना-- शुभ यात्रा।
(१४७) सागर देखना-- आयु में वृद्धि ।
(१४८) हौज़ में नहाना--कष्ट दूर हो।
(१४९) हलवा देखना--आयु में वृद्धि ।
(१५०) हवालात देखना-मान बढ़े।
(१५१) हड्डियाँ देखना--धन की प्राप्ति।
(१५२) हत्या देखना--परेशानी में आना।
(१५३) हाथी देखना--व्यापार में वृद्धि ।स्वप्न विशेषज्ञ डा० ड्रेरूप ने बताया है कि स्वप्न व्यक्तिपरक है इसलिए एक व्यक्ति द्वारा देखे गए स्वप्न का फल दूसरे व्यक्ति द्वारा देखे गए उसी तरह के स्वप्न का फल हर स्थिति में एक जैसा नहीं भी हो सकता है।




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