(35) द्वीप हथेली में जहाँ भी रहता है, अशुभ होता है।

     ---------द्वीप का चिह्न-----
द्वीप जब जीवन रेखा पर होता है, तब व्यक्ति अस्वस्थ रहता है। जब यह
मस्तिष्क रेखा पर होता है तो व्यक्ति मानसिक ‌विकारों से ग्रस्त रहता है।‌ जब
यह हृदय रेखा पर होता है तब व्यक्ति हृदय का रोगी होता है। जब यह भाग्य रेखा पर होता है तो व्यक्ति को धन की हानि होती है। जब यह सूर्य रेखा पर होता है तो व्यक्ति को पद-प्रतिष्ठा की हानि होती है। जब यह‌ स्वास्थ्य रेखा पर होता है तो व्यक्ति को गम्भीर बीमारी होती है। यदि यह स्वास्थ्य रेखा के ऊपरी भाग पर होता है और नाखून गोल तथा छोटे होते हैं तो गले की बीमारी और ब्रानकाइटिस होती है। यदि
नाखून लम्बे हैं तो फेफड़े का रोग होता है। यदि छोटे और चन्द्रहीन नाखून हैं तो हृदय रोग होता है। यदि नाखून चपटे हैं तो लकवे की बीमारी होती है। यदि स्वास्थ्य रेखा के नीचे के भाग (चन्द्र पर्वत) पर द्वीप चिह्न है तो मूत्राशय अथवा गुर्दे की बीमारी होती है। यदि किसी पर्वत पर द्वीप चिह्न है तो पर्वत के शुभ गुणों  को कम कर देता है।

Comments

Popular posts from this blog

डा० सूर्य पाल सिंह का उत्कृष्ट व्यक्तित्व

---प्राणायाम से दिव्य शक्ति की प्राप्ति---

ऋगुवेद सूक्ति--(53) की व्याख्या