(29) रति रेखा रखने वाला व्यक्ति काम लिप्सा में पागल हो जाता है--

          --------रति रेखा--------
रति रेखा भी अर्धवृत्ताकार होती है। यह रेखा भी चन्द्र पर्वत से निकलकर‌ शुक्र पर्वत तक जाती है। कभी-कभी यह शुक्र पर्वत पर न पहुँचकर चन्द्र पर्वत पर ही कलाई की तरफ मुड़ जाती है। यदि यह रेखा चन्द्र पर्वत से निकलकर जीवन रेखा को काटती हुयी शुक्र पर्वत पर पहुँचती है तो ऐसा व्यक्ति काम लिप्सा के कारण मृत्यु को प्राप्त होता है। यदि यह रेखा हथेली के नीचे मणिबन्ध की ओर चली जाए तो व्यक्ति
कामुकता के कारण अपना सत्यानाश कर लेता है।
ऐसे व्यक्ति अफीम, गाँजा, चरस आदि के लती बन जाते हैं । यदि हाथ मुलायम है तो यह लत और भी बढ़ जाती है। यदि हाथ सख्त है तो व्यक्ति शराबी बन जाता है और उसे अपने ऊपर नियन्त्रण नहीं रहता है। यदि मस्तिष्क रेखा चन्द्र पर्वत पर झुकी हो और इस पर द्वीप का चिह्न हो तो ऐसा व्यक्ति अपनी कामुकता को कारण पागल हो जाता‌ है।

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