(28) अतीन्द्रिय ज्ञान रेखा वाला व्यक्ति त्रिकालज्ञ होता है।

        ------अतीन्द्रिय ज्ञान रेखा------
यह अर्ध वृत्ताकार रेखा होती है जो बुध पर्वत से आरंभ होकर चन्द्र पर्वत तक जाती है। ऐसी रेखा रखने वाले व्यक्ति
अतीन्द्रिय ज्ञान रखते हैं। भविष्य में होने वाली घटनाओं को पहले ही जान लेते हैं। यदि इस तरह की रेखा रखने वाला व्यक्ति अशिक्षित भी है तो भी शिक्षित के समान अपनी बात प्रस्तुत करते हैं।
ऐसा व्यक्ति केवल अपने बारे में ही नहीं 
दूसरों को भी भविष्य में होने वाली घटनाओं को बारे में आगाह कर देता है।
यदि इस तरह की रेखा रखने वाले व्यक्ति का चन्द्र पर्वत पूर्ण विकसित अर्थात् ऊपर उठा हुआ रहता है तो वह व्यक्ति भविष्यवक्ता ये रूप में पूजा जाता ‌है।

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