(17) प्लूटो पर कई कटती रेखाएँ व्यक्ति को सन्यासी बना देती है--

प्लूटो पर्वत--(बुढ़ापे में प्रभाव)
यह पर्वत राहु पर्वत के ऊपर यूरेनस (हर्शल)पर्वत और मंगल पर्वत तथा
हृदय रेखा और मस्तक रेखा के मध्य 
सूर्य पर्वत के नीचे होता है। इस पर्वत का प्रभाव व्यक्ति के बुढ़ापे (पछपन वर्ष के ऊपर) में देखा जाता है। यदि यह पर्वत सामान्य रूप से विकसित‌ उभरा हुआ रहता है तो व्यक्ति का जीवन सुखमय होता है। यदि यह पर्वत अधिक उभरा रहता है तो व्यक्ति‌ का जीवन 
कठिनाइयों से भरा रहता है, और स्वभाव क्रूर बन जाता है। धँसा हुआ पर्वत अशुभ होता है। 
प्लूटो पर्वत पर त्रिकोण अथवा त्रिभुज 
कई कलाओं और विद्याओं में निपुण बनाता है। वर्ग विवेक शून्य बनाता है।
वृत्त, ज्ञान वर्धन और धार्मिक कार्यों में रुचि पैदा करता है। नक्षत्र धर्मात्मा बनाता है। एक रेखा से सर्वांगीण उन्नति होती है। कई रेखाओं से भी उन्नति होती है और सामाजिकता लाती है। क्रास आत्म हत्या के लिए प्रेरित करता है।
जाली होने से व्यक्ति असफल जीवन 
बिताता है। बिंदु से व्यक्ति में उदासीनता आती है। काला तिल से व्यक्ति ऊपर से नीचे गिरकर चोट खाता है। कई कटती रेखाएँ व्यक्ति को सन्यासी बना देती हैं।

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