(15) केतु का काला तिल चेचक की बीमारी देता है।

केतु पर्वत(South Node or Tail of Dragon)  ----        
केतु पर्वत मणिबन्ध के ऊपर चन्द्र पर्वत
और शुक्र पर्वत के मध्य स्थित होता है।
केतु का प्रभाव व्यक्ति पर पाँच वर्ष से बीस वर्ष तक पड़ता है। यदि यह पर्वत 
सामान्य रूप से विकसित और उभरा हुआ रहता है तो व्यक्ति भाग्यशाली होता है तथा अपने जीवन में सब प्रकार के सुख का भोग करता है। ऐसा बालक
गरीब घर में जन्म लेकर भी अमीर होता है। यदि यह पर्वत बहुत उभरा हुआ रहता है तो बचपन में बहुत अधिक बुरे दिन देखने पड़ते हैं और स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता है, यदि थँसा हुआ रहता है तो भी गरीबी बनी रहती है। केतु पर्वत पर त्रिकोण या त्रिभुज का चिह्न होने से धन की प्राप्ति होती है। वर्ग
राज सम्मान दिलाता है। वृत्त सेवा में उच्च पद दिलाता है। एक रेखा व्यक्ति को साहसी बनाता है। कई रेखाएँ व्यक्ति को क्रोधी बनाते हैं। क्रास व्यक्ति को दुखी बनाता है तथा चेचक की बीमारी 
का कष्ट देता है। जाली जीवन को दरिद्र बनाता है। बिन्दु सफलता का प्रतीक है।
काला तिल से व्यक्ति धन की कमी का  दुख झेलता है। कई कटती रेखाएँ दायित्व से उदासीन बनाती हैं।

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