(14) दबा हुआ मंगल कायर बनाता है-

मंगल पर्वत(Mount of Mars)----
मंगल पर्वत दो होते हैं---(1) निम्न (2)
उच्च (1) निम्न मंगल--- यह वृहस्पति
पर्वत के नीचे शुक्र पर्वत के ऊपर जीवन रेखा के अंदर होता है। इसे आक्रामक मंगल भी कहते हैं। (2) उच्च मंगल---यह बुध पर्वत और चन्द्र पर्वत के मध्य
हृदय रेखा के प्रारम्भिक स्थल के नीचे 
नीचे स्थित होता है। इसे रक्षात्मक मंगल
भी कहते हैं। जिन व्यक्तियों की हथेली
में मंगल पर्वत विकसित तथा उभरा हुआ होता है, वे व्यक्ति साहसी, योद्धा तथा जुझारू होते हैं, विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत से काम लेते हैं, मुश्किलों और बाधाओं से कभी विचलित नहीं होते हैं। निम्न मंगल यदि 
विकसित और उभरा हुआ होता है तो व्यक्ति आक्रामक स्वभाव वाला होता है।
यदि मंगल क्षेत्र दबा हुआ होता है तो व्यक्ति कायर और ‌डरपोक होता है और
यदि अधिक उभरा हुआ होता है तो व्यक्ति में लड़ने- झगड़े की प्रवृत्ति होती है तथा डकैती और लूटमार करने की प्रवृत्ति बढ़ती है।
मंगल पर त्रिकोण या त्रिभुज योजना से कार्य करने की क्षमता देता है। वर्ग व्यक्ति को क्रोधी बनाता है। वृत्त नीति में निपुण बनाता है। नक्षत्र सेना अथवा पुलिस में उच्च पद दिलाता है। एक रेखा
साहस एवं दृढ़ता देती है। कई रेखाओं से हिंसात्मक प्रवृत्ति बढ़ती है। क्रास व्यक्ति को‌ कारावास दिलाता है तथा
व्यक्ति को अत्यंत क्रोधी बना देता है।
आत्म हत्या करने की ओर प्रेरित करता है, मरने-मारने पर हमेशा उतारू रहता है, कई बार वह लड़ाई-झगड़े में ही मारा जाता ‌है, अथवा दूसरों की हत्या कर देता है। जाली से युद्ध में हार होती है और आत्मग्लानि से आत्म हत्या कर लेता है। बिन्दु से युद्ध में घाव होता है।
काला तिल भी अशुभ होता है। कई कटती रेखाएँ व्यक्ति की युद्ध कार्य में
रुचि बढ़ाती है।

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