(13)हर्शल का उभार इंजीनियर बनाता है-
(13)हर्शल का उभार इंजीनियर बनाता है-हर्शल(यूरेनस) प्रजापति पर्वत--
(Mount of Urenus)
इस ग्रह की खोज सन् 1781में विलियम हर्शल ने की थी इसलिए इनके नाम पर इसे हर्शल ग्रह कहते हैं। यह पर्वत नेपच्यून पर्वत के ऊपर और बुध पर्वत के नीचे हृदय रेखा और मस्तक रेखा के मध्य प्लूटो पर्वत के बाएँ स्थित होता है। मणि बन्ध के ऊपर चन्द्र, चन्द्र के ऊपर नेपच्यून, नेपच्यून के ऊपर हर्शल, हर्शल के ऊपर बुध पर्वत होता है। ये चारो पर्वत एक सीध में होते हैं।
यदि हर्शल पर्वत उभरा हुआ और सामान्य रूप से विकसित है तो व्यक्ति इंजीनियर बनता है। व्यक्ति का झुकाव तकनीकी कायों की ओर अधिक होता है। वैज्ञानिक कार्यों में रुचि होती है। जीवन में ऐसे व्यक्तियों को सफलता मिलती है। अधिक उभरा हुआ, अथवा
धँसा हुआ पर्वत अशुभ होता है। इस पर्वत पर त्रिकोण अथवा त्रिभुज व्यक्ति को उच्च पद दिलाता है। वर्ग वैज्ञानिक कार्यों में रुचि बढ़ाता है। वृत्त धनवान बनाता है। नक्षत्र विदेशों में ख्याति दिलाता है। एक रेखा वाला व्यक्ति सम्मान पाता है। कई रेखा वाला व्यक्ति
विदेश की यात्रा करता है। क्रास विदेश में प्रवास के लिए विवश करता है। जाली वाला व्यक्ति आकस्मिक दुर्घटना से मृत्यु पाता है। बिन्दु उच्च सम्मान दिलाता है। कई कटती रेखाओं से वायुयान दुर्घटना में मृत्यु होती है।
Comments
Post a Comment