(12) चन्द्र का वर्ग धनी बनाता है--

चन्द्र का वर्ग व्यक्ति को धनी बनाता है--
(६) चन्द्र पर्वत ( Moun of Moon)
चन्द्र पर्वत बुध पर्वत के नीचे, नेपच्यून पर्वत के ठीक नीचे, मणि बन्ध से ऊपर‌ लगा हुआ होता है।        [कनिष्ठका   ]                                    [  उँगली     ]
               ‌ ‌‌     ‌  ‌‌‌‌‌           _________
                                  [     बुध.   ]
                                  [   पर्वत.  ]
                                   _______  
                                   [  हर्शल व ]
                                   [( यूरेनस)]
                                  [ (प्रजापति)]
                                   [ _ _____].                                    [नेपच्यून. ]
           ‌   ‌ ‌‌                   [ पर्वत.    ]
                                  [_______ ]
                          ‌‌‌        [ चन्द्र.     ]
                     ‌‌‌‌‌‌             [ पर्वत.    ] 
                ‌                  [_______ ]
                                  [मणिबन्ध ]
जिस व्यक्ति का चन्द्र पर्वत उभरा हुआ और विकसित होता है, उस व्यक्ति का  मन मजबूत होता ‌है, वह यदि किसी कार्य में लग गया तो पूर्ण करने के बाद ही हटता है। परन्तु इस तरह‌ का व्यक्ति
बहुत भावुक होता है। दूसरों की बातों से बहुत प्रभावित होता है। यदि अधिक उभरा हुआ रहता है तो वह अस्थिर बुद्धि वाला, पागल तथा निराश स्वभाव का होता है।ऐसे व्यक्ति को सिर दर्द की 
शिकायत बनी रहती‌ है। सामान्य चन्द्र वाला व्यक्ति काव्य, कला, कल्पना, संगीत और साहित्य में सफल होता है।
यदि यह पर्वत दबा हुआ रहता है तो व्यक्ति शान्ति प्रिय तथा एकान्तवासी हो जाता है।
यदि चन्द्र पर्वत पर त्रिभुज अथवा त्रिकोण का चिह्न है तो व्यक्ति उच्च कोटि का कवि होता है। चन्द्र का वर्ग व्यक्ति को धनी बनाता है। वृत्त से व्यक्ति
जल में डूब कर मरता है। नक्षत्र काव्य लेखन में राजकीय सम्मान दिलाता है।
एक रेखा से व्यक्ति कल्पना शील बनता है। कई रेखाओं से सौंदर्य के प्रति झुकाव होता है और व्यक्ति कोमल स्वभाव का बनता है। क्रास व्यक्ति में जलोदर रोग पैदा करता है। मस्तिष्क
सम्बन्धी कष्ट देता है। पानी में डूब मरने की सम्भावना बढ़ाता है। विदेश में कष्ट दिलाता है। द्वीप व्यक्ति को निस्तेज और क्रूर बनाता है। जाली व्यक्ति को सदैव
चिन्तित बनाए रखता है। बिन्दु से व्यक्ति प्रेम में असफल होता है। काला तिल से विवाह में विलम्ब होता है। प्रेम में निराशा होती है तथा जल में डूब कर मरने  की सम्भावना होती है, यदि कई कटती रेखाएँ होती हैं तो व्यक्ति में सदैव
चिन्ता बनी रहती है।

          

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