(9) सूर्य का वृत्त विदेश भेज‌ देता है--

सूर्य का वृत्त विदेश भेज देता है--
सूर्य पर्वत--( Mount of Sun) 
यह अनामिका उँगली के मूल स्थान के नीचे स्थित होता है। यदि सूर्य पर्वत ऊपर उठा हुआ है तो सफलता का सूचक है। यदि सूर्य पर्वत धँसा है तो 
उपेक्षित जीवन होता है। सूर्य पर्वत का उभार ही मनुष्य को प्रतिभावान और यशस्वी बनाता है। विकसित पर्वत व्यक्ति को हँसमुख, मित्रों में घुल-मिल कर रहने वाला, जन साधारण में लोकप्रिय, कलाकार, संगीतज्ञ और चित्रकार बनाता है। ऐसे व्यक्ति सफल
व्यापारी तथा उत्तम आय वाले ‌होते हैं।
कई बार आकस्मिक धन की प्राप्ति होती है। रहन-सहन राजसी और वैभव पूर्ण  होता है। सुलझे विचारों वाले प्रतिभा के धनी होते हैं। धँसा हुआ पर्वत रखने वाले व्यक्ति मन्दबुद्धि के होते हैं। ऐसे व्यक्ति प्रायः निरक्षर होते हैं। बुद्धि
प्रखर नहीं होती है। बहुत उठा हुआ पर्वत ईर्ष्या, द्वेष तथा जलन के भाव ला देता है। व्यक्ति को खुशामदप्रिय बना देता है।
    सूर्य पर्वत पर त्रिभुज का चिह्न कला
और शिक्षा में उच्च सम्मान दिलाता है।
वर्ग समाज में सम्मान दिलाता है। इस
पर्वत पर वृत्त का  चिह्न विदेश गमन कराने वाला होता है। नक्षत्र से प्रतिष्ठा बढ़ती है। एक रेखा धन, मान और प्रसिद्धि दिलाती है। कई रेखाओं से उच्च पद की प्राप्ति होती है। क्रास से व्यवसाय में हानि होती है। समाज में निन्दा और परिहास दिलाता है। भाग्य साथ नहीं देता है। तेज हथियार से मृत्यु
होती है। द्वीप व्यक्ति को उत्साहहीन बना देता है। यह ईर्ष्या के भाव बढ़ा देता है। जाली होने से व्यक्ति निन्दित होता है, मान हानि होती है। बिन्दु होने से समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा घटती है। काला तिल होने से नेत्र रोग बढ़ता है
और प्रतिष्ठा का क्षरण होता है।

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