-------षटविकार नहीं हटते:----

षटविकार(काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मात्सर्य) कभी नहीं हटते। इसमें केवल काम (कामनाएँ) हट जाए तो शेष विकार स्वतः हट जाते हैं। परन्तु काम से मुक्त हो पाना बहुत कठिन है। स्वर्ग के राजा इन्द्र के पास कई अप्सराएँ हैं, जिनमें  विश्वामित्र जैसे तपस्वी को आकर्षित करने की अद्भुत क्षमता है। फिर भी वह अपने काम की पूर्ति के लिए इस पृथ्वी पर अहल्या के पास गौतम बनकर आया। यदि कोई कहता है कि मैने अपने काम पर विजय प्राप्त कर ली है तो वह झूठ बोलता है। ईश्वर की कृपा के बिना काम को जीत पाना कठिन ही नहीं असम्भव है। इसलिए ईश्वर की ओर मु़ड़िए, ईश्वर की कृपा मिलेगी। विकार हटेंगे। आनन्द(ईश्वर) का साक्षात्कार होगा।

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