-------मानव सदा दुखी रहता है------
यह संसार दुखमय है, यहाँ सुख का लवलेश भी नहीं। मानव जीवन में
दुख ही दुख रहता है ? ऐसा कहने वाले लोग झूठ बोलते हैं। मानव जीवन में सुख-दुख दोनो आते और जाते रहते हैं। मानव जीवन में सुख भी आता है और मानव जीवन में दुख भी आता है, फिर ऐसा क्यों कहा जाता है कि यह संसार दुखमय है ? ऐसा इसलिए कि दुख तो दुखमय होता ही है। सुख भी दुखमय होता है क्योंकि सुख में सुख के चले जाने का भय बना रहता है, बस इसी
भय से मनुष्य दुखी रहता है। अतः मनुष्य दुख-सुख दोनो काल में अपने को दुखी बना लेता है। इसीलिए यह कहा जाता है कि यह संसार दुखमय है। यदि आप सदा-सर्वदा के लिए दुखों से मुक्ति चाहते हैं, यदि आप सदा-सर्वदा के
लिए सुखी रहना चाहते हैं, तो आप ईश्वर की ओर मुड़िए , ईश्वर आपको सदा-सर्वदा के लिए सुखी बना देगा। ईश्वर दुख को हरण करने वाला है।
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